Tuesday, July 2, 2013

Street Reporter Year 1 Vol 10 {16.6.2013-30.6.2013}

साईकिल और साईकिल रिक्शा के लिए भी है चालान का प्रावधान 
स्ट्रीट रिपोर्टरः दिल्ली में लाखों की संख्या में चल रही साईकिल रिक्शा सड़क दुर्घटनाओं का एक बहुत बड़ा कारण बन रही है। खतरनाक ढ़ंग से सड़क पर कहीं भी मुड़ जाना, रेड लाईट जंप करना, गडि़यों के बीच घुस
जाना आदि इनकी आदतों के कारण वाहन चालकों को अच्छी खासी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं में रिक्शा चालकों का हाथ होता है। सामाजिक कार्यकर्ता श्री मती सरोज लाम्बा के अनुसार 90 प्रतिशत रिक्शा चालक पूरा दिन किसी न किसी प्रकार का नशा किये रहते है। प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता इसके लिए रिक्शा चालकों को कम तथा दिल्ली टैªफिक पुलिस और रिक्शा सवार को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताते हुए कहते है कि लगभग सभी रिक्शे वाले अनपढ़ है। इनको टैफिक नियम एवं सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी नहीं होती, जिसके अभाव में यह लापरवाह हो जाते है, लेकिन रिक्शा में बैठी सवारी इन नियमों से अच्छी तरह वाकिफ होती है और दुर्घटनाओं से उनका भी नुकसान
होता है। रिक्शा सवार की जिम्मेदारी बनती है कि वे रिक्शा वालों को सड़क सुरक्षा नियमों को अनदेखा करने से रोके। इसके लिए दिल्ली टैªफिक पुलिस नियमावली में भी चालान के प्रावधान दिए गए है जो की मात्र 20 रूपये है। दूसरा इसके लिए दिल्ली टैªफिक पुलिस भी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार है। चालान की राशि कम होने और कमाई का साधन न होने के कारण दिल्ली ट्रफिक पुलिस साईकिल तथा रिक्शा चालकों पर अधिक ध्यान नहीं देती। दिल्ली ट्रफिक पुलिस को चाहिए कि साईकिल एवं रिक्शा चालकों को सड़क सुरक्षा तथा टैफिक रूलस पर जागरूक करने के लिए विशेश अभियान चलाए और चलान की राशि 20 रूपये से बढ़ाकर कम से कम 50 रूपये करें, साथ ही सड़क सुरक्षा क नियमों का पालन करवाने के लिए रिक्शा चालकों के साथ थोड़ी सख्ती भी की जाए। 

Dr. K.S. Bhati, Advocate Supreme Court of India

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