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Tuesday, July 2, 2013

Street Reporter Year 1 Vol 10 {16.6.2013-30.6.2013}

द्वारका से0 7 में आयोजित दिल्ली पुलिस जनसंपर्क सभा में लोगों ने उठाए पुलिस पर सवाल
-मंगलापुरी में मैट्रो कार्य शुरू होने के कारण बुधबाजार के समय लगने वाल जाम पर ध्यान दें दिल्ली पुलिस-मास्टर हरिओम गुप्ता
-सड़क पर यातायात पुलिस कर्मी खड़े रहते है, लेकिन वे जाम हटाने की बजाय चालान काटने में ही मशगूल रहते है-पी.के.सेठी, नारायणा

-सेक्टर 9 मैट्रो स्टेशन  से सोसाइटीज की ओर आने वाली सड़के सुनसान बढाई जाए पुलिस गश्त -डा0 केएस भाटी
स्ट्रीट रिपोर्टरः 25 जून, दिल्ली द्धारा निरंतर जारी जनसंपर्क अभियान के तहत द्वारका सैक्टर 7 स्थित सी.सी.आर.टी. के सभा में दिल्ली पुलिस द्वारा जिला दक्षिण पश्चिम की जनसंपर्क सभा अयोजित की गई। जनसंपर्क सभा कार्यक्रम में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आर.के.पाण्डेय के साथ दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस
के अतिरिक्त आयुक्त अनिल कुमार ओझा ने मुख्य रूप से सभा को संबोधित किया व लोगों के सवालों के जवाब दिए। डी.सी.पी. ओझा ने लोगों से निवेदन किया कि सभा में केवल दिल्ली पुलिस से जुड़े मुद्दे ही सामने लाए, उन्होने लोगों से व्यक्तिगत समस्याएं न बताने के लिए भी कहा। सभा में पालम एक्सटेंशन आर.डब्लू.ए. के पूर्व प्रधान मास्टर हरिओम गुप्ता ने मंगला पुरी में साप्ताहिक बुध बाजार के दौरान लगने वाले भीशण जाम पर पुलिस अधिकारियों का ध्यान दिलाते हुए कहा कि मैट्रो कार्य शुरू होने के कारण एक सड़क पूरी तरह से बंद कर दी गई है, जिससे बुधवार को नीचे सड़क पर तथा ऊपर फ्लाई ओवर पर जाम लग जाता है अधिकारियों से इस पर कोई बेहतर विकल्प लाने के लिए कहा। से0 9 के निवासी डा0 के.एस.भाटी ने कहा कि मैट्रो स्टेशन से0 9 से सोसाइटी तरफ आने वाला रास्ता सुनसान रहता है, जहां अक्सर सड़क किनारे शाम के समय लोग शराब पीते रहते है। मैट्रो स्टेशनों के आसपास इस प्रकार के रास्तों पर निगरानी बढ़ाइ्र्र जाए। नारायणा विहार के पी.के. सेठी ने यातायात कर्मियों की कार्य प्रणालियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नारायणा की सड़कों पर बहुत जाम रहता है। वहां टैफिक कर्मी तो खड़े रहते है, लेकिन उनका ध्यान जाम हटवाने की बजाय चालान काटने में ही रहता है। से07 निवासी अंजू धरेजा ने सड़कों पर रेहड़ी, पटरियों वालों से होने वाली परेशानियों की तरफ ध्यान आकर्शित किया। अन्य लोगों में रिपोर्ट में देरी, बालिका विद्यालयों के समय पुलिस की मौजूदगी, पानी के बोर की मरम्मत करवाने पर पुलिसवालों द्वारा परेशान करना, रिश्वत माँगना आदि मुद्दों पर लोगो द्वारा सवाल उठाए गए। डी.सी.पी. ओझा ने कहा कि सभा में रखी गई बातों पर हम जल्द से जल्द कार्यवाही करेगे। उन्होंने कहा कि बुधबाजार के जाम के समाधान पर जल्द ही मीटिंग की जाएगी। विद्यालयों के खुलते ही छुट्टी के समय सभी विद्यालयों के गेट पर पुलिस गश्त लगा दी जाएगी। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त समय सिंह, एस एस यादव, नरेश कुमार, रामकिशन यादव सहित दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी उपस्थित थें। सभा में विभिन्न आर.डब्लू.ए., एन.जी.ओ. के पदाधिकारियों समेत जिला दक्षिण पश्चिम के काफी लोगों ने भाग लिया।

Street Reporter Year 1 Vol 10 {16.6.2013-30.6.2013}

साईकिल और साईकिल रिक्शा के लिए भी है चालान का प्रावधान 
स्ट्रीट रिपोर्टरः दिल्ली में लाखों की संख्या में चल रही साईकिल रिक्शा सड़क दुर्घटनाओं का एक बहुत बड़ा कारण बन रही है। खतरनाक ढ़ंग से सड़क पर कहीं भी मुड़ जाना, रेड लाईट जंप करना, गडि़यों के बीच घुस
जाना आदि इनकी आदतों के कारण वाहन चालकों को अच्छी खासी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं में रिक्शा चालकों का हाथ होता है। सामाजिक कार्यकर्ता श्री मती सरोज लाम्बा के अनुसार 90 प्रतिशत रिक्शा चालक पूरा दिन किसी न किसी प्रकार का नशा किये रहते है। प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता इसके लिए रिक्शा चालकों को कम तथा दिल्ली टैªफिक पुलिस और रिक्शा सवार को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताते हुए कहते है कि लगभग सभी रिक्शे वाले अनपढ़ है। इनको टैफिक नियम एवं सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी नहीं होती, जिसके अभाव में यह लापरवाह हो जाते है, लेकिन रिक्शा में बैठी सवारी इन नियमों से अच्छी तरह वाकिफ होती है और दुर्घटनाओं से उनका भी नुकसान
होता है। रिक्शा सवार की जिम्मेदारी बनती है कि वे रिक्शा वालों को सड़क सुरक्षा नियमों को अनदेखा करने से रोके। इसके लिए दिल्ली टैªफिक पुलिस नियमावली में भी चालान के प्रावधान दिए गए है जो की मात्र 20 रूपये है। दूसरा इसके लिए दिल्ली टैªफिक पुलिस भी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार है। चालान की राशि कम होने और कमाई का साधन न होने के कारण दिल्ली ट्रफिक पुलिस साईकिल तथा रिक्शा चालकों पर अधिक ध्यान नहीं देती। दिल्ली ट्रफिक पुलिस को चाहिए कि साईकिल एवं रिक्शा चालकों को सड़क सुरक्षा तथा टैफिक रूलस पर जागरूक करने के लिए विशेश अभियान चलाए और चलान की राशि 20 रूपये से बढ़ाकर कम से कम 50 रूपये करें, साथ ही सड़क सुरक्षा क नियमों का पालन करवाने के लिए रिक्शा चालकों के साथ थोड़ी सख्ती भी की जाए। 

Dr. K.S. Bhati, Advocate Supreme Court of India