जिला उपायुक्त आँख और नाक बंद करके शायद अपने कार्यालय आते है
कापसहेड़ा राजस्व कार्यालय के बिलकुल सामने पूरे दिन लगा रहता है गन्दगी का ढेर, नाक बंद करके कार्यालय आते है कर्मचारी, मानसून में बदबू से हो रहा है बुरा हाल
स्ट्रीट रिपोर्टर: कहते है घर का द्वार उस घर में रहने वालो के बारे में बहुत कुछ कह देता हैं। अगर इसपर ध्यान दें तो कापसहेड़ा बार्डर से दिल्ली में घूसते ही जिला उपायुक्त राजस्व के कार्यालय के ठीक एकदम सामने लगे
कूड़े के ढेर और बदबू से दिल्ली में रहने वालो और उपायुक्त राजस्व की कार्यप्रणाली के बारे में सोचने के लिए ढेरों सवाल खड़े हो जाते है। आगे गुड़गावँ की उधोग नगरी होने के कारण यहाँ से प्रतिदिन लाखों की संख्याँ में लोग गुजरते है और उपायुक्त कार्यालय के सामने पहुँचते नाक पर कपड़ा ढकने को मजबूर हो जाते है। बदबू का आलम मानसून होने के कारण ओर अधिक बढ़ जाता है। यहा से प्रतिदिन गुजरने वाली अनिता बताती है कि आफिस में जाते समय जब यहाँ पहुँचते है तो जी मचलाने लगता है और उबकार्इयाँ आने को होती है फिर सारा दिन सर दर्द रहता है। उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी के अनुसार अधिकारी तो अपने एसी रुम में जाकर बैठ जाते है हम बदबू के कारण खाना भी ठीक से नहीं खा पाते है। कार्यालय में आए लोगों का अनुभव और भी बुरा है। लार्इन में खड़े-खड़े जब बदबू का झोंका आता है तो चक्कर आने लगते है। स्थानीय निगम पार्शद जयप्रकाष बताते हे कि इस क्षेत्र में फल एवं सब्जी के रेहड़ी-पटरी बाजार बहुत ज्यादा है और ये लोग खुले में ही कूड़ा डाल देते हें यहाँ कूड़ा डालने के लिए ढलाव बनाने के लिए कोर्इ जगह भी नहीं है। अगर उपलब्ध करा दी जाए तो हम कूड़ादान बनवा देंगें। जिससे इस समस्या का हल हो सकेगा।
कापसहेड़ा राजस्व कार्यालय के बिलकुल सामने पूरे दिन लगा रहता है गन्दगी का ढेर, नाक बंद करके कार्यालय आते है कर्मचारी, मानसून में बदबू से हो रहा है बुरा हाल
स्ट्रीट रिपोर्टर: कहते है घर का द्वार उस घर में रहने वालो के बारे में बहुत कुछ कह देता हैं। अगर इसपर ध्यान दें तो कापसहेड़ा बार्डर से दिल्ली में घूसते ही जिला उपायुक्त राजस्व के कार्यालय के ठीक एकदम सामने लगे
कूड़े के ढेर और बदबू से दिल्ली में रहने वालो और उपायुक्त राजस्व की कार्यप्रणाली के बारे में सोचने के लिए ढेरों सवाल खड़े हो जाते है। आगे गुड़गावँ की उधोग नगरी होने के कारण यहाँ से प्रतिदिन लाखों की संख्याँ में लोग गुजरते है और उपायुक्त कार्यालय के सामने पहुँचते नाक पर कपड़ा ढकने को मजबूर हो जाते है। बदबू का आलम मानसून होने के कारण ओर अधिक बढ़ जाता है। यहा से प्रतिदिन गुजरने वाली अनिता बताती है कि आफिस में जाते समय जब यहाँ पहुँचते है तो जी मचलाने लगता है और उबकार्इयाँ आने को होती है फिर सारा दिन सर दर्द रहता है। उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी के अनुसार अधिकारी तो अपने एसी रुम में जाकर बैठ जाते है हम बदबू के कारण खाना भी ठीक से नहीं खा पाते है। कार्यालय में आए लोगों का अनुभव और भी बुरा है। लार्इन में खड़े-खड़े जब बदबू का झोंका आता है तो चक्कर आने लगते है। स्थानीय निगम पार्शद जयप्रकाष बताते हे कि इस क्षेत्र में फल एवं सब्जी के रेहड़ी-पटरी बाजार बहुत ज्यादा है और ये लोग खुले में ही कूड़ा डाल देते हें यहाँ कूड़ा डालने के लिए ढलाव बनाने के लिए कोर्इ जगह भी नहीं है। अगर उपलब्ध करा दी जाए तो हम कूड़ादान बनवा देंगें। जिससे इस समस्या का हल हो सकेगा।
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